आसमान की तरफ उरूज0️⃣6️⃣
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*🥀 वाकिआए में'राज 🥀*
*🕋 06*
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
*आसमान की तरफ उरूज* #01
*पहला आसमान*
बैतूल मुक़द्दस के मुआमलात से फारिग होने के बाद प्यारे आक़ा ﷺ ने आसमान की तरफ सफर शुरू फ़रमाया और हर बुलन्दी को पस्त फ़रमाते हुवे तेज़ी से आसमान की तरफ बढ़े चले गए, आन की आन में पहला आस्मान आ गया।
रिवकायत में है कि आप इसके एक दरवाज़े पर तशरीफ़ लाए जिसे "बाबुल हफ़ज़ह" कहा जाता है, इस पर इस्माइल नामी एक फ़रिश्ता मुक़र्रर है। जिब्राइल ने दरवाज़ा खुलवाना चाहा। पूछा कौन है? फ़रमाया जिब्राइल हूँ। पूछा आप के साथ कौन है? फ़रमाया मुहम्मद मुस्तफा ﷺ। पूछा क्या इन्हें बुलाया गया है? फ़रमाया हाँ। इस पर कहा गया खुश आमदीद! क्या ही अच्छा आने वाला आया है!!! फिर दरवाज़ा खोल दिया। जब आप ﷺ दरवाज़े से गुज़र कर आस्मान से ऊपर तशरीफ़ लाए तो देखा की हज़रते आदम عليه السلام तशरीफ़ फरमा है। जिब्राइल ने अर्ज़ किया ये आप के वालिद हज़रत आदम है, इन्हें सलाम फरमाइये। आप ﷺ ने सलाम कहा। उन्होंने जवाब दिया, फिर आप खुश आमदीद करते हुवे कहने लगे सालेह बेटे और सालेह नबी को खुश आमदीद।
*जन्नती व जहन्नमी अरवाह*
हुज़ूर ﷺ ने आदम عليه السلام के दाएं बाएं कुछ लोगों को मुलाहज़ा फ़रमाया, जब आप عليه السلام अपनी दाई जानिब देखते तो हंस पड़ते है और जब बाई जानिब देखते तो रो पड़ते है। जिब्राइल ने अर्ज़ किया: इन के दाई और बाई जानिब जो ये सूरतें है ये इन की अवलाद है, दाई जानिब वाले जन्नती और बाई जानिब वाले जहन्नमी है।
*आसमान की तरफ उरूज* #02
*दुसरा आस्मान*
इसके बाद आप ﷺ ने दूसरे आस्मान की तरफ सफर शुरू फ़रमाया, आन की आन में दूसरा आस्मान भी आ गया। जिब्राइल ने दरवाज़ा खुलवाया, जब आप ﷺ दरवाज़े से गुज़र कर आस्मान के ऊपर तशरीफ़ लाए तो हज़रते यहया और हज़रते ईसा عليه السلام को मुलाहज़ा फ़रमाया, ये दोनों खलाज़ाद भाई है। आप ﷺ ने सलाम कहा। उन्हों ने सलाम का जवाब दिया फिर आप ﷺ को खुश आमदीद करते हुए कहने लगे: सालेह भाई और सालेह नबी को खुश आमदीद।
*तीसरा आस्मान*
फिर तीसरे आस्मान की तरफ सफर शुरू हवा, जब आप ﷺ चोथे आस्मान पर पहुचे तो हज़रते युसूफ عليه السلام को मुलाहज़ा फ़रमाया।
*चौथा आस्मान*
जब आप ﷺ चौथे आस्मान पर पहुचे तो आप की मुलाक़ात हज़रत इदरीस عليه السلام से हुई।
*पांचवा आस्मान*
जब आप ﷺ पाचवे आस्मान पर पहुचे तो आप की मुलाक़ात हज़रत हारून عليه السلام से हुई।
*छटा आस्मान*
जब आप ﷺ छटे आस्मान पर पहुचे तो आप की मुलाक़ात हज़रत मूसा عليه السلام से हुई। जब आप आगे बढ़े तो हज़रते मूसा عليه السلام गिर्या फरमाने लगे। दरयाफ़्त किया गया आप عليه السلام को किस चीज़ ने रुलाया? फ़रमाया मुझे इस बात ने रुलाया है कि एक नौजवान जो मेरे बाद मबऊस हुवे उन की उम्मत में से दाखिले जन्नत होने वाले लोगों की तादाद मेरी उम्मत में से ज़्यादा होगी।
*सातवा आस्मान*
जब आप ﷺ सातवे आस्मान पर पहुचे तो आप की मुलाक़ात हज़रत इब्राहिम عليه السلام से हुई। आप عليه السلام बैतूल मामूर से टेक लगाए तशरीफ़ फरमा थे।
बाक़ी अगली पोस्ट में..أن شاء الله
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*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
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