खुदाए जुल जलाल ने अपने प्यारे महबूब ﷺ को इस क़दर कसीर मोजिज़ात अता फरमाए है1️⃣5️⃣
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*🥀 वाकिआए में'राज 🥀*
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بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
खुदाए जुल जलाल ने अपने प्यारे महबूब ﷺ को इस क़दर कसीर मोजिज़ात अता फरमाए है कि शुमार नहीं किये जा सकते। जो मौजिज़े दीगर अम्बियाए किराम को फरदन फरदन अता हुवे वो सब बल्कि उन से भी कहीं ज़्यादा आप ﷺ की ज़ाते आली में जमा कर दिये गए।
प्यारे आक़ा ﷺ के इन हज़ारहा मिजिज़ात में से एक मशहूर तरीन मोजिज़ा और काइनात का सबसे मुंफरीद वाक़ीआ मेराज शरीफ का है। ये एक मिजिज़ा अपने ज़िमन् में बहुत से मिजिज़ात लिये हुवे है मसलन आप ﷺ का सीना मुबारक खोल कर क़ल्बे अतहर (दिल) को बाहर निकाल लिया जाना लेकिन इसके बावजूद आप ﷺ को किसी किस्म का कोई नुक़्सान न पहुंचना बल्कि होशो हवास में रहते हुवे तमाम सूरते हाल भी मुलाहज़ा फरमाना, इसी तरह रौशनी से बी ज़्यादा तेज़ रफ़्तार बुराक़ की सुवारी करना वगैरा इसी सफरे मेराज में पेश आने वाले वाक़ीयात है और बजाते खुद भी मौजिज़े की हैसिय्यत रखते है।
बहर हाल सफरे मेराज हुज़ूर ﷺ का वो अज़ीमुश्शान मोजिज़ा है कि तारीख में इस की मिसाल नहीं मिलती और इस से आप ﷺ की शाने अज़मत और बारगाहे रब्बुल इज़्ज़त में आपकी महबूबिय्यत आफताब से भी ज़्यादा रौशनी और वाज़ेह तर हो जाती है।
प्यारे आक़ा ﷺ के सफरे मेराज से हासिल होने वाले चन्द खूबसूरत मदनी फूल मुलाहज़ा कीजिये:
मका से बैतूल मुक़द्दस की तरफ जाते हुवे रास्ते में जिब्राइल ने हुज़ूर ﷺ को तीन मक़ामात पर नमाज़ पढ़ने के लिये कहा और आप ﷺ ने नमाज़ अदा फ़रमाई: (1) मदीना की पाक ज़मीन में, जिस की तरफ मुसलमानों की हिजरत होने वाली थी। (2) तुर पहाड़ पर, जहाँ अल्लाह ने हज़रते मूसा عليه السلام से कलाम फ़रमाया था। (3) बैते लहम में जहाँ हज़रते ईसा عليه السلام की विलादत हुई।
इससे मालुम हुवा कि ये मक़ामात बहुत ही अज़मत वाले है और क्यूं न हो कि इन्हें अल्लाह के जलिलुल क़द्र अम्बियाए किराम عليه السلام के साथ निस्बत है।
हज़रते अल्लामा मुफ़्ती अहमद यार खान नईमी رحمة الله عليه फ़रमाते है: जिस चीज़ को सालिहीन से निस्बत हो जाए वो चीज़ अज़मत वाली बन जाती है।
नीज़ इस से तबर्रुकाते सालिहीन से बरकत लेने का सुबूत भी मिलता है। चुनान्चे हासियाए सिन्धी में है कि हुज़ूर ﷺ का ये अमले मुबारक आसारे सालिहीन को तलाश करने, उनसे बरकत लेने और उनके पास अल्लाह की इबादत करने के सिलसिले में बहुत बड़ी दलील है।
बाक़ी अगली पोस्ट में..أن شاء الله
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*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
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