अज़ाबे इलाही से मुतअल्लिक़2️⃣4️⃣
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*🥀 वाकिआए में'राज 🥀*
*🕋 24*
بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ
اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ
*अज़ाबे इलाही से मुतअल्लिक़* #02
*ग़ीबत के अज़ाब* #02
*तांबे के नाख़ून*
फरमाने मुस्तफा ﷺ: में शबे मेराज ऐसे लोगों के पास से गुज़रा जो अपने चेहरों और सीनों को तांबे के नाखूनों से नौच रहे थे। जिब्राइल ने कहा ये लोगिन का गोश्त खाते (यानी ग़ीबत करते) और उन की इज़्ज़त खराब करते थे।
*औरतें ज़्यादा ग़ीबत करती है*
मुफ़्ती अहमद यार खान नईमी رحمة الله عليه इस हदीस के तहत फ़रमाते है: उन पर खारिश का अज़ाब मुसल्लत कर दिया गया था और नाख़ून तांबे के धारदार और नोकीले थे, उनसे सीने, चेहरा खुजलाते थे और ज़ख़्मी होते थे। खुदा की पनाह! ये अज़ाब सख्त अज़ाब है, ये वाक़ीआ बादे क़यामत होगा जो हुज़ूर ﷺ ने आँखों से देखा। मज़ीद फ़रमाते है: ये लोग मुसलमानों की ग़ीबत करते थे, उनकी इज़्ज़त खराब करते थे ये काम औरतें ज़्यादा करती है उन्हें इस से इब्रत लेनी चाहिये।
ग़ीबत करने का अन्जाम किस क़दर तबाह कुन है, बरोज़े क़यामत ग़ीबत करने वाले को कैसे कैसे दर्दनाक अज़ाबों का सामना होगा, इस का तसव्वुर ही लरज़ा देने के लिये काफी है। गौर कीजिये! अगर ग़ीबत कर के तौबा किये बगैर मर गए और इनमे से कोई दर्दनाक अज़ाब मुसल्लत कर दिया गया तो क्योंकर बर्दाश्त कर सकेंगे? इसलिये ग़ीबत, चुगली और दीगर गुनाहों भरी बातों से रिश्ता तोड़ कर हम्दो नात से रिश्ता जोड़िये, हर लम्हा हर घड़ी याद इलाही में मगन रहिये और प्यारे आक़ा ﷺ पर खूब खूब दुरुदो सलाम के फूल निछावर कीजिये।
*अज़ाबे इलाही से मुतअल्लिक़* #03
*सूदखोरी के अज़ाब*
सूदखोरी भी इन्तिहाई मोहलिक और जान लेवा बिमारी है जो इंसान के दिल में खैर ख्वाहिये मुस्लिम का जज़्बा मुर्दा कर देती है। मेराज की रात आप ﷺ ने जिन लोगों को अज़ाब मर मुब्तला देखा उनमे वो लोग भी थे जो सूदखोरी के सबब अज़ाब में मुब्तला थे।
*पथ्थर खोर आदमी*
फरमाने मुस्तफा ﷺ: मेराज की रात मेने एक आदमी देखा जो नहर में तैरते हुवे पथ्थर निगल रहा था। बताया गया की ये सूदखोर है।
*पेटों में सांप*
फरमाने मुस्तफा ﷺ: मेराज की रात में कुछ लोगों के पास आया जिनके पेट मकानों की तरह (बड़े बड़े) थे और उनके अंदर सांप बाहर से नज़र आ रहे थे। जिब्राइल ने कहा ये सूदखोर है।
मुफ़्ती अहमद यार खान नईमी رحمة الله عليه इस हदीस की शर्ह करते हुवे फ़रमाते है: चुकी सूद ख्वार हवसी होता है कि खाता थोड़ा है हिर्स व हवस ज़्यादा करता है, इसलिये इनके पेट वाक़ई कोठड़ियों की तरह होंगे, लोगों के माल जो ज़ुल्मन वुसुल किये थे वो सांप, बिच्छु की शक्ल में नुमुदार होंगे। आज अगर एक मामूली कीड़ा पेट में पैदा हो जाए तो तंदुरस्ती बिगड़ जाती है, आदमी बे क़रार हो जाता है तो समझ लो की जब उसका पेट सांपो, बिच्छुओं से भर जाए तो उसकी तकलीफ व बे करारी का क्या हाल होगा? रब की पनाह।
*अज़ाबे इलाही से मुतअल्लिक़* #04
*सर कुचले जाने का अज़ाब*
क़ुरआन और अहादीस में नमाज़ की अहमिय्यत से मालामाल है की हर नमाज़ को उसके वक़्ते मुक़र्ररा में पाबन्दी के साथ अदा करने के बे शुमार फ़ज़ाइल और बिला उज़्रे शरई कोताही करने की सख्त सज़ाएं सुनाई है।
मेराज की रात प्यारे आक़ा ﷺ ने कुछ ऐसे लोग भी मुलाहज़ा फरमाए जो नमाज़ में सुस्ती करने की वजह से अज़ाब में गिरफ्तार थे। आइये! इसे मुलाहज़ा कीजिये और नमाज़ों की पाबन्दी का ज़ेहन बनाइये। आप ﷺ ऐसे लोगों के पास तशरीफ़ लाए जिनके सर पथ्थरों से कुचले जा रहे थे, हर बार कुचलने के बाद वो पहले की तरह दुरुस्त हो जाते थे और दोबारा कुचल दिये जाते, इस मुआमले में उनसे कोई सुस्ती न बरती जाती थी। जिब्राइल ने कहा: ये वो लोग है जिन के सर नमाज़ से बोझल हो जाते थे।
बाक़ी अगली पोस्ट में..أن شاء الله
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*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
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